जैविक वर्गीकरण (Biological Classification) – जीवों (पेड़-पौधों और जंतुओं) को उनकी समानताओं, विभिन्नताओं और विकासवादी संबंधों के आधार पर विभिन्न समूहों और उप-समूहों में वैज्ञानिक तरीके से बाँटने की प्रक्रिया है। यह अध्ययन को आसान बनाता है |
सबसे लोकप्रिय प्रणाली आर.एच. व्हिटेकर द्वारा दी गई पाँच जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification) है
पाँच जगत वर्गीकरण (Five Kingdom Classification)व्हिटेकर (R.H. Whittaker) द्वारा प्रस्तावित इस प्रणाली में जीवों को पाँच प्रमुख जगतों में विभाजित किया गया है :
1 . मोनेरा (Monera):- इस जगत में सभी प्रोकैरियोटिक (अल्पविकसित केंद्रक वाले) और एककोशिकीय जीव आते हैं उदाहरण: बैक्टीरिया (जीवाणु) और नील-हरित शैवाल
2 . प्रोटिस्टा (Protista):- इसमें सभी एककोशिकीय यूकैरियोटिक (पूर्ण विकसित केंद्रक वाले) जीव शामिल हैं उदाहरण: अमीबा, पैरामीशियम और युग्लिना。
3 . कवक या फंजाई (Fungi):- ये परपोषी (Heterotrophic) जीव होते हैं जो अपना भोजन सड़े-गले पदार्थों से प्राप्त करते हैं इनकी कोशिका भित्ति काइटिन (Chitin) की बनी होती है। उदाहरण: यीस्ट, मशरूम और पेनिसिलियम।
4 . पादप जगत (Plantae):- इसमें सभी बहुकोशिकीय, प्रकाश संश्लेषी पौधे आते हैं जो अपना भोजन स्वयं बनाते हैं उदाहरण: शैवाल, मॉस, फर्न, और फूल वाले पौधे।
4 .जंतु जगत (Animalia): इसमें सभी बहुकोशिकीय, विषमपोषी और यूकैरियोटिक जंतु आते हैं , इनमें कोशिका भित्ति नहीं होती है। उदाहरण: कीड़े, मछलियाँ, पक्षी, और स्तनधारी (मनुष्य सहित)

